होलीडे में हर किसी को स्कूल की याद आ रही है। जब स्कूल था तब हर कोई कह रहा था,‘ये स्कूल कब क्लोज होंगे।’अब स्कूल खुलने में थोड़ा समय है।
फेसबुक पर स्टूडेंट्स लिख रहे हैं :
"Meeting my friends....just few days to go...."
"Come on....come on...Jaldi over ho ja HOLIDAY, KYON SATATA HAI?"
"Aa raha hoon main SCHOOL"
"Dost dost hi hotey hain, School mein miltey hain.."
एक बात सबसे अच्छी यह कि फेसबुक ने दोस्तों को एहसास नहीं होने दिया कि वे एक साथ नहीं। चैटिंग जारी रही। पढ़ाई की कम बातें जरुर हुईं। खट्टी-मीठी लड़ाईयां हुईं जैसाकि अक्सर स्कूल लाइफ में होता है। हां, प्यार भरी बातें हुईं और कई ने अपने दोस्तों से वह सब कह डाला जो उनके सामने कहने से कतराते थे। अरे भई, जैसे :
‘तू बिल्कुल गधे सा चतुर है.....like an old ASS : a beautiful FOOL'
'I LUV U CHINDI CHOR : TUMHARI MUHBOLI SISTER'
तो कई लड़कियों ने नये मुंहबोले भाई बनाये। जब वे क्लास में पहुंचेंगी तो उन्हें डरने की जरुरत नहीं होगी क्योंकि भाई होंगे आसपास।
धर्मेंद्र स्टाइल में :
‘मेरी बहन को छूने की हिम्मत कौन कर सकता है? एक-एक को चुन-चुन कर मारुंगा....।’
डिंशुम-भिशुम...!!
खैर, आल इज वैल।
आखिर उन सभी स्टूडेंट्स की ओर से ‘फेसबुक मैया’ की जय!
नमन हर उस छात्र को जिसने घंटों बिताए फेसबुक पर भला करवाया इंटरनेट कंपनियों का और बिजली वालों का। दोस्ती की नयी परिभाषा सीखी और भाषा भी।
शर्मीले भी बन गये टाम क्रूज।
हां, इस दौरान कई बहरुपियों ने भी खूब रंग जमाया। वे जारी हैं अपने स्टाइल में इधर-उधर की करने में।
-हरमिंदर सिंह चाहल.
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