आज मैं इस स्कूल में अपना पहला दिन याद करता हूं। हालांकि यह हर उस दिन की तरह था लेकिन आज मैं महसूस करता हूं कि वह मेरे लिए स्कूल लाइफ के स्वर्ग की ओर पहला कदम था। यहां मुझे पूरी आजादी मिली और वो सब जो मैंने चाहा। इस स्कूल ने मुझे कुछ ऐसी यादें, कुछ ऐसे दोस्त, ऐसे सपने और खुशियां दीं जो शायद ही कहीं ओर मिल पातीं।
कहते हैं :
'Memories are more beautiful than meetings"
(मुलाकातों से ज्यादा यादें खूबसूरत होती हैं) यादें बहुत अनमोल हैं।
वो कहते हैं न कि दुनिया में सब कुछ खरीदा जा सकता है। आजकल तो प्यार को भी खरीदा जा सकता है। प्यार का रेट प्याज से भी सस्ता है। यह यादें ही हैं जो किसी के खत्म होने के बाद भी उसे हमारे जेहन, हमारी बातों और हमारे दिल में जिंदा रखती हैं।
अपने टीचरों के लिए
Before I leave I wanna say few words for the 'angels', the mothers of my school i.e. my teachers.All are just superb, marvellous and incredible.
आप लोगों ने जितना प्यार, ज्ञान और ममता दी, उतना आपके बाद सिर्फ एक ही इंसान दे सकता है और वो है हमारी मां।
Preetha ji, Dogra ji and Jessey ji, I got those three gems together in one class.
इनका साथ यादगार रहा, और यह एक संयोग की तरह था। इन्होंने हमेशा मेरा सपोर्ट किया, प्यार किया और गाइड किया।
Actually they ignited the fire to do something in life.
मैं इतना बड़ा नहीं कि अपनी बड़ी मां (mam Bindu) के बारे में कुछ कह सकूं। और मुझे ज्यादा कुछ कहने की जरुरत नहीं क्योंकि हम जानते हैं कि वे हमें कितना प्यार करती हैं। हमारी कितनी परवाह करती हैं। मुझे इन्होंने अपने बच्चे की तरह पाला।
सिस्टर ममता के बारे में कहने के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं जो उन्हें परिभाषित कर सकें। उनका प्यार और उनकी डांट, जीवन के बारे में उनका नजरिया कभी भला नहीं जा सकता।
-शिवेन्द्र कुमार
(शिवेन्द्र कुमार ने यह लेख फरवरी 2011 में लिखा था, अपने स्कूल के अंतिम दिन। उन्होंने सैंट मैरी कान्वेंट गजरौला से 12वीं पास की)

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